जल्दी उठने की सीख
अताउल अंसारी ने इस अवसर पर लोगों को सुबह जल्दी उठने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा, "हमारे पूर्वज ब्रह्ममुहूर्त में उठकर योग और व्यायाम करते थे, जिससे वे निरोग रहते थे। आज का युवा देर रात तक जागता है, जिससे कई बीमारियाँ शरीर में प्रवेश करती हैं। सभी को चाहिए कि जल्दी सोएं, जल्दी उठें और स्वस्थ रहें।" उन्होंने सुबह की सैर और साइकिलिंग को स्वास्थ्य के लिए रामबाण बताया।
नारों से गूंजा भदोही
साइकिल यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने जोश भरे नारे लगाकर लोगों को पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। "वृक्ष लगाओ, पर्यावरण बचाओ", "वृक्षों की जब करोगे रक्षा, तभी बनेगा जीवन अच्छा", "स्वस्थ रहो, मस्त रहो, करो योग, रहो निरोग", "सुबह की हवा, सौ रोगों की दवा", "हम सबने ये ठाना है, पूरे भदोही को स्वस्थ बनाना है", "हिंदुस्तान जिंदाबाद", "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम" जैसे नारों ने माहौल को और उत्साहपूर्ण बना दिया। इन नारों ने राहगीरों का ध्यान खींचा और उन्हें इस मुहिम से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
इन उत्साही लोगों ने बढ़ाया मान
यात्रा में राम कुमार वर्मा, प्रवीण टंडन, सरफराज अहमद, कमलेश कश्यप, संजय उपाध्याय, मुश्ताक अंसारी, महमूद आलम, अबरार हाशमी, राजीव जायसवाल, फैज आलम, महेंद्र यादव, प्रमोद मौर्य, मैनू अली, अमन गुप्ता, प्रेम गुप्ता, कार्तिक, जीत सिंह, शिवम, अबू दर्दा अंसारी, अबू हुरैरा अंसारी, अजहर जमाल सहित कई अन्य उत्साही साइकिल सवार शामिल रहे। इन सभी ने बारिश की परवाह न करते हुए इस नेक काम को अंजाम दिया।
एक मिसाल कायम
भदोही साइकिलिंग क्लब की यह पहल न केवल स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने में सफल रही, बल्कि यह भी साबित कर गई कि मजबूत इरादों के सामने मौसम की कोई बाधा नहीं टिक सकती। यह आयोजन नई पीढ़ी को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी और स्वस्थ जीवनशैली की अहमियत समझाने में एक मील का पत्थर साबित होगा। क्लब ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को जारी रखने का संकल्प लिया है, ताकि भदोही को स्वच्छ, स्वस्थ और हरित बनाया जा सके।
(फारूक जाफरी: भदोही संवाददाता)


