सम्वाददाता फारूक जाफरी की रिपोर्ट
भदोही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 26 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की घोषणा से भदोही के कालीन उद्योग में भारी संकट खड़ा हो गया है। इस फैसले के बाद अमेरिकी खरीदारों ने ई-मेल भेजकर ऑर्डर रोकने की बात कही है, जिससे जिले के कालीन निर्यातकों में चिंता बढ़ गई है।
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| अमेरिकी आयात शुल्क से भदोही का कालीन उद्योग संकट में, 500 करोड़ का माल अटका - कुलदीप राज वट्टल CEPC अध्यक्ष |
500 करोड़ का माल फंसा
अमेरिका के 100 से अधिक खरीदारों ने भारतीय निर्यातकों को मेल कर माल रोकने के निर्देश दिए हैं। इससे भदोही और आसपास के गोदामों व पोर्ट पर करीब 500 करोड़ का माल डंप हो गया है। लगातार आ रहे ई-मेल्स में 26 प्रतिशत आयात शुल्क को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
सीईपीसी ने वाणिज्य मंत्रालय को अवगत कराया
कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (CEPC) के चेयरमैन कुलदीप राज वाटल ने बताया कि अमेरिका के इस निर्णय से भारत सरकार को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा,
"हम सभी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और सरकार से समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।"
भारत के लिए झटका
भारत से 58 प्रतिशत कालीन और हस्तशिल्प का निर्यात अमेरिका को होता है। ऐसे में आयात शुल्क बढ़ने से भारतीय कारोबारियों को भारी नुकसान हो सकता है। अब सभी की नजरें भारत सरकार के आगामी कदमों पर टिकी हैं।

