भदोही (गोपीगंज): भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला मंत्री आसिफ खान को वक्फ बिल का समर्थन करना भारी पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें न सिर्फ जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, बल्कि उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की भी साजिश की जा रही है। इस संबंध में उन्होंने पुलिस अधीक्षक को एक प्रार्थना पत्र सौंपा है, जिसमें पूरे मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
आसिफ खान ने पत्र में लिखा है कि वह भारतीय जनता पार्टी का एक जिम्मेदार और सक्रिय कार्यकर्ता हैं तथा पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समुदाय के कुछ असामाजिक तत्व उनकी राजनीतिक सक्रियता और भाजपा के प्रति समर्थन से असहज महसूस कर रहे हैं। ऐसे ही लोग उन्हें और उनके परिवार को धमका रहे हैं कि वह भाजपा छोड़ दें, अन्यथा उन्हें मुस्लिम समाज से बहिष्कृत कर दिया जाएगा।
प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि धमकी देने वालों में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जिनका आपराधिक इतिहास रहा है। इनमें एक युवक गौ-तस्करी में संलिप्त बताया गया है, जबकि एक अन्य युवक पर चंदौली में एक ब्राह्मण परिवार की लड़की को लव जिहाद के मामले में फंसाने का आरोप है। आशिफ खान का कहना है कि उक्त युवक पर मुकदमा भी दर्ज है और ऐसे लोगों की धमकियों से न सिर्फ उनकी सुरक्षा को खतरा है, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक और राजनीतिक साजिश का हिस्सा भी प्रतीत होती है।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि पार्टी से जुड़े अन्य अल्पसंख्यक कार्यकर्ता भी भयमुक्त होकर भाजपा की नीतियों के तहत कार्य कर सकें।
यह मामला भाजपा के अल्पसंख्यक वर्ग में हो रहे राजनीतिक दबाव और चुनौतियों को भी उजागर करता है, जहां पार्टी के समर्थकों को समुदाय विशेष की तरफ से न सिर्फ सामाजिक बल्कि मानसिक और शारीरिक दबाव का भी सामना करना पड़ रहा है।


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