Type Here to Get Search Results !

सृजन' कार्यक्रम के तहत 10 दिवसीय लोक गायन कार्यशाला का हुआ समापन।

35 छात्र-छात्राओं को वितरित किए गए प्रमाण पत्र, लोक संस्कृति के संरक्षण का लिया गया संकल्प।

ब्यूरो रिपोर्ट सरस सिंह।

भदोही। उत्तर प्रदेश लोक जनजाति एवं संस्कृति संस्थान, संस्कृति विभाग, लखनऊ एवं जगदंबे न्यू बाल शिक्षण संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित "सृजन" कार्यक्रम के अंतर्गत जेएनवीएस कान्वेंट स्कूल, परऊपुर में आयोजित 10 दिवसीय लोक गायन कार्यशाला का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शहीद झूरी सिंह के प्रपौत्र डॉ. रामेश्वर सिंह उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में डॉ. रामेश्वर सिंह ने कहा कि संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम अत्यंत सराहनीय एवं समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारी अनेक लोक कलाएं एवं लोक गायन की विधाएं धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से न केवल इन लोक विधाओं का संरक्षण संभव होगा, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है।

कार्यशाला में प्रसिद्ध लोक गायक घनश्याम शुक्ला ने दस दिनों तक छात्र-छात्राओं को उत्तर प्रदेश की विभिन्न लोक गायन विधाओं का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बच्चों को कजरी, भरथरी, करिंगा, पवारा, चितमा, जगराता, छठ गीत, घटपूजा, चैता, चट्टी सहित अन्य पारंपरिक लोक गायन शैलियों का अभ्यास कराया। उनके मार्गदर्शन में बच्चों ने लोक संगीत की बारीकियों को सीखते हुए अपनी प्रतिभा को निखारा।

समापन समारोह के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 35 छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि डॉ. रामेश्वर सिंह द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रमाण पत्र प्राप्त कर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने कजरी सहित विभिन्न लोकगीतों की आकर्षक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी मधुर गायकी और आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा तथा तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक राजेश पाठक, प्राचार्या पूनम पाठक, लव कुश दुबे, संजय पांडे, राघवेंद्र सिंह, तराना, खुशी, दिव्या, मुस्कान, आंचल, निक्की, पलक, उजाला, प्रिया, आकृति सिंह, श्रेया, नैना सहित विद्यालय परिवार एवं बड़ी संख्या में अभिभावक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

#codes