1857 की क्रांति के महानायक की स्मृतियों को संजोए स्मारक को पर्यटन केंद्र बनाने की मांग, शासन स्तर पर प्रस्ताव लंबित।
(भदोही)। देश की आजादी की प्रथम क्रांति 1857 के महानायक एवं भदोही के लाल अमर शहीद झूरी सिंह की स्मृतियों को संजोए उनका स्मारक स्थल पर्यटन की दृष्टि से विकसित किए जाने की अपार संभावनाएं रखता है। यदि इस ऐतिहासिक स्थल को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए तो यह न केवल जिले का प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और शहीदों के बलिदान से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम भी बनेगा।
शहीद झूरी सिंह के प्रपौत्र डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि शहीद झूरी सिंह स्मारक का शिलान्यास वर्ष 1981 में तत्कालीन मुख्यमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह द्वारा किया गया था। यह स्मारक स्थल जनपद मुख्यालय ज्ञानपुर से लगभग सात किलोमीटर दूर लखनऊ रोड पर स्थित है। स्थान की सुगम पहुंच और यहां पहले से मौजूद विभिन्न सुविधाओं के कारण इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पर्याप्त संभावनाएं हैं।
साढ़े तीन एकड़ में अमृत सरोवर और सुंदर बाग
डॉ. रामेश्वर सिंह के अनुसार स्मारक परिसर में करीब साढ़े तीन एकड़ में शहीद झूरी सिंह अमृत सरोवर मौजूद है। सरोवर के चारों ओर सुंदर बाग और हरियाली परिसर की प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाते हैं। इसके अलावा लगभग दो एकड़ में शहीद झूरी सिंह क्रीड़ा स्थल भी मौजूद है। यदि यहां पर्यटन की दृष्टि से आवश्यक विकास कार्य कराए जाएं तो यह स्थान लोगों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सकता है। स्मारक परिसर में धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थल भी पहले से मौजूद हैं। यहां भगवान शिव मंदिर, हनुमान मंदिर, शनि मंदिर और गणेश मंदिर के साथ-साथ सामुदायिक हाल एवं कीर्तन भवन भी है। इसके अलावा स्वामी अखंडानंद आश्रम भी परिसर की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है।
पर्यटन विकास से बढ़ेगा स्थानीय रोजगार
शहीद झूरी सिंह स्मारक को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं। यहां आने वाले पर्यटकों के लिए बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधा, स्वच्छता, पेयजल, पार्किंग, सूचना केंद्र और शहीद झूरी सिंह के जीवन एवं स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को दर्शाने वाली संग्रहालय एवं प्रदर्शनी जैसी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। ऐसा होने पर यह स्थल इतिहास, संस्कृति, अध्यात्म और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम बन सकता है। विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए भी यह स्थान शैक्षणिक भ्रमण का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है, जहां उन्हें स्वतंत्रता आंदोलन के स्थानीय इतिहास की जानकारी प्रत्यक्ष रूप से मिल सकेगी।
पर्यटन विकास के लिए शासन को भेजा जा चुका है प्रस्ताव
डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की बैठक में शहीद झूरी सिंह स्मारक स्थल को पर्यटन विकास के लिए प्रस्तावित किया जा चुका है। प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, लेकिन फिलहाल शासन स्तर पर यह लंबित है। उनका कहना है कि यदि इस प्रस्ताव पर शासन की स्वीकृति मिल जाती है तो स्मारक परिसर को व्यवस्थित एवं आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का रास्ता साफ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि शहीद झूरी सिंह जैसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की स्मृतियों से जुड़े स्थल का विकास केवल पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि भी होगी।
इतिहास और पर्यटन का बन सकता है अनूठा संगम
स्थानीय लोगों का भी मानना है कि स्मारक स्थल को पर्यटन की सुविधाओं से जोड़ने के साथ यदि शहीद झूरी सिंह के जीवन, संघर्ष और 1857 की क्रांति में उनके योगदान से संबंधित इतिहास को प्रदर्शित किया जाए तो यह स्थान जिले की पहचान बन सकता है। अमृत सरोवर, हरियाली, धार्मिक स्थल, क्रीड़ा मैदान और स्मारक परिसर को एक समग्र पर्यटन योजना के तहत विकसित किया जाए तो यहां बड़ी संख्या में पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आकर्षित किया जा सकता है। शहीद झूरी सिंह स्मारक स्थल के विकास की मांग अब केवल एक स्मारक के संरक्षण तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसे इतिहास, संस्कृति, पर्यटन और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल के रूप में देखा जा रहा है। शासन स्तर से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने और आवश्यक बजट उपलब्ध होने पर यह स्थल भदोही जनपद के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है।





