महिला सुरक्षा को लेकर एसीपी राजकुमार सिंह की सक्रिय पहल, थानाध्यक्ष मानवेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में मिशन शक्ति टीम ने महिलाओं को दिया सुरक्षा और सहयोग का भरोसा।
बहरिया, प्रयागराज।महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा स्वावलंबन को मजबूत आधार प्रदान करने की दिशा में मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के अंतर्गत मंगलवार को बहरिया थाना परिसर स्थित मिशन शक्ति केंद्र पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं, महिलाओं तथा स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़ी महिलाओं को उनके अधिकारों, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुरक्षा सुविधाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इस दौरान बहरिया थाने के मिशन शक्ति केंद्र को मॉडल केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल पर विशेष जोर दिया गया।
पुलिस आयुक्त प्रयागराज के निर्देशन तथा पुलिस उपायुक्त गंगानगर, अपर पुलिस उपायुक्त गंगानगर एवं सहायक पुलिस आयुक्त फूलपुर के पर्यवेक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक पुलिस आयुक्त फूलपुर राजकुमार सिंह ने की। वहीं बहरिया थानाध्यक्ष मानवेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में मिशन शक्ति टीम ने महिला सुरक्षा और साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
एसीपी राजकुमार सिंह ने महिला सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर दिया विशेष जोर।
कार्यक्रम में सहायक पुलिस आयुक्त फूलपुर राजकुमार सिंह ने महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को मिशन शक्ति अभियान का प्रमुख उद्देश्य बताते हुए उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। महिला सुरक्षा को लेकर संवेदनशील दृष्टिकोण और प्रभावी पुलिसिंग को प्राथमिकता देने वाले एसीपी राजकुमार सिंह ने इस बात पर विशेष बल दिया कि महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा की भावना विकसित करने के साथ-साथ उन्हें इतना जागरूक बनाना आवश्यक है कि वे किसी भी अन्याय, उत्पीड़न अथवा अपराध के विरुद्ध निर्भीक होकर अपनी आवाज उठा सकें।उन्होंने मिशन शक्ति केंद्र को महिलाओं के लिए ऐसा भरोसेमंद माध्यम बनाने पर जोर दिया, जहां उन्हें अपनी समस्याएं रखने में किसी प्रकार का संकोच न हो और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस की सहायता आसानी से उपलब्ध हो सके।
थानाध्यक्ष मानवेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने की पहल।
बहरिया थानाध्यक्ष मानवेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में मिशन शक्ति टीम की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। महिला सुरक्षा के प्रति उनकी सजग कार्यशैली और जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने की पहल कार्यक्रम का महत्वपूर्ण पहलू रही। थानाध्यक्ष मानवेन्द्र कुमार सिंह ने महिलाओं एवं छात्राओं को पुलिस सहायता सेवाओं के बारे में जागरूक करते हुए उन्हें किसी भी परेशानी, उत्पीड़न या आपात स्थिति में बिना भय और संकोच के पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया। उनके नेतृत्व में मिशन शक्ति टीम ने उपस्थित महिलाओं को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, महिला सशक्तीकरण, कानूनी अधिकारों और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस और आमजन के बीच विश्वास को और मजबूत बनाते हुए महिलाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना रहा।
महिलाओं को बताए गए अधिकार, हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने छात्राओं एवं महिलाओं को बताया कि किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न, छेड़छाड़, घरेलू विवाद अथवा अन्य आपात स्थिति में पुलिस और संबंधित सहायता सेवाओं से तत्काल संपर्क किया जा सकता है। इस दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। वूमेन पावर लाइन – 1090- महिला हेल्पलाइन – 181- चाइल्ड हेल्पलाइन – 1098- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन – 1076- पुलिस आपातकालीन सेवा – 112- स्वास्थ्य सेवा – 102- एम्बुलेंस सेवा – 108- साइबर अपराध हेल्पलाइन – 1930 पुलिस टीम ने महिलाओं एवं बालिकाओं को इन नंबरों को अपने मोबाइल फोन में सुरक्षित रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर इनका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
डिजिटल अरेस्ट से लेकर फोटो मॉर्फिंग तक, साइबर अपराधों से बचाव के बताए उपाय।
साइबर सुरक्षा जागरूकता माह अक्टूबर 2026 के अंतर्गत कार्यक्रम में साइबर अपराधों से बचाव को लेकर भी विशेष जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। जागरूकता और सतर्कता ही ऐसे अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी माध्यम है। छात्र-छात्राओं और महिलाओं को डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, एपीके फाइल फ्रॉड, फोटो मॉर्फिंग, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, फर्जी लॉटरी तथा फिशिंग लिंक के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी के संबंध में विस्तार से समझाया गया।विशेष रूप से छात्राओं को सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, व्यक्तिगत फोटो एवं जानकारी की गोपनीयता तथा अनजान व्यक्तियों से ऑनलाइन संपर्क के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई। पुलिस टीम ने बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते का विवरण, आधार कार्ड, पैन कार्ड, यूपीआई पिन, पासवर्ड अथवा ओटीपी साझा नहीं करना चाहिए। सोशल मीडिया अकाउंट की प्राइवेसी सेटिंग मजबूत रखने तथा अपरिचित व्यक्तियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचने के लिए भी जागरूक किया गया।
पैसे प्राप्त करने के लिए यूपीआई पिन डालना जरूरी नहीं, साइबर ठगी होने पर तत्काल करें शिकायत।
जागरूकता कार्यक्रम में ऑनलाइन भुगतान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की भी जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने स्पष्ट किया कि सामान्यतः किसी से धनराशि प्राप्त करने के लिए यूपीआई पिन दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती। साइबर अपराधी इसी प्रकार के भ्रम पैदा करके लोगों के बैंक खातों से धनराशि निकाल लेते हैं।किसी भी संदिग्ध क्यूआर कोड को स्कैन करने, अनजान लिंक खोलने अथवा बिना सत्यापन के भुगतान अनुरोध स्वीकार करने से बचने की सलाह दी गई। साइबर ठगी का शिकार होने की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने अथवा cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई।
मॉडल मिशन शक्ति केंद्र से महिलाओं को मिलेगा सुरक्षा और सहयोग का भरोसा।
कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य बहरिया थाना परिसर स्थित मिशन शक्ति केंद्र को मॉडल केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल से महिलाओं और बालिकाओं को परिचित कराना रहा। इसके माध्यम से महिलाओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी, शिकायत दर्ज कराने में सहायता, आवश्यक मार्गदर्शन और विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। एसीपी राजकुमार सिंह के मार्गदर्शन और थानाध्यक्ष मानवेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम महिला सुरक्षा के प्रति पुलिस की सक्रियता और संवेदनशील दृष्टिकोण को रेखांकित करने वाला रहा। मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि उनके सम्मान, अधिकार और आत्मनिर्भरता से जुड़ा महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व भी हैं ।
वहीं कार्यक्रम में बहरिया थानाध्यक्ष मानवेन्द्र कुमार सिंह, महिला उपनिरीक्षक रिचा वर्मा, महिला उपनिरीक्षक रेशमा कुमारी, उपनिरीक्षक चन्दन कुमार यादव, उपनिरीक्षक राजकुमार, महिला कांस्टेबल मान्ती चौहान, अर्चना देवी, स्वाती सिंह,चन्दा, संध्या रावत एवं मोनिका की सक्रिय सहभागिता रही।


