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मुशीर इक़बाल, उपाध्यक्ष, जिला कांग्रेस भदोही।
भदोही। रमज़ान का मुकद्दस महीना शुरू हो चुका है और पूरे देश में इसे आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। यह महीना सिर्फ रोज़े और इबादत तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारे और मदद का संदेश भी देता है।
भदोही समेत पूरे देश में मुस्लिम समाज के लोग सुबह सेहरी और शाम को इफ्तार के साथ रमज़ान के नियमों का पालन कर रहे हैं। मस्जिदों में विशेष नमाज़ें अदा की जा रही हैं, और हर कोई खुदा की इबादत में मशगूल है।
रमज़ान के पांच अनिवार्य कर्तव्य
इस पवित्र महीने में पांच चीजें फर्ज़ मानी जाती हैं:
- रोज़ा रखना – सुबह सेहरी से लेकर शाम इफ्तार तक बिना कुछ खाए-पिए खुदा की इबादत करना।
- नमाज़ अदा करना – पांच वक्त की नमाज़ के साथ रमज़ान में विशेष तरावीह की नमाज़ पढ़ना।
- ज़कात देना – गरीबों और जरूरतमंदों की मदद के लिए अपनी आय का एक हिस्सा दान करना।
- कुरआन की तिलावत – इस महीने में कुरआन मजीद की तिलावत (पाठ) को बेहद जरूरी माना जाता है।
- नियत और संयम रखना – केवल भूखा रहना ही नहीं, बल्कि बुरी आदतों को त्याग कर नेक राह पर चलने का महीना है।
भदोही में रमज़ान की रौनक
भदोही में रमज़ान के दौरान खास तैयारियां की गई हैं। बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है, मस्जिदों में रौनक दिखाई दे रही है, और हर गली-मोहल्ले में इफ्तार और तरावीह का आयोजन किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने भी सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कई अहम कदम उठाए हैं, ताकि रोज़ेदारों को किसी तरह की परेशानी न हो।
जामा मस्जिद और बड़ी मस्जिद समेत विभिन्न मस्जिदों में विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन द्वारा साफ-सफाई, बिजली-पानी की आपूर्ति और सुरक्षा को लेकर कड़े प्रबंध किए गए हैं।
भाईचारे और सौहार्द की मिसाल
रमज़ान का महत्व केवल उपवास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, गरीबों की मदद और इंसानियत की सेवा करने की सीख भी देता है। इस महीने में हर मुसलमान अपने गुनाहों की माफी मांगता है और नेक राह पर चलने का प्रयास करता है।
इस पवित्र महीने में सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे को रमज़ान की बधाई दे रहे हैं और साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश कर रहे हैं। समाज के हर वर्ग को इस महीने से यह सीख लेनी चाहिए कि संयम, परोपकार और मानवता ही असली धर्म है।

