भदोही। पूर्व सांसद वीरांगना फूलन देवी के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X) पर की गई अभद्र टिप्पणियों को लेकर निषाद पार्टी ने सख्त नाराजगी जताई है। पार्टी ने इसे सोशल और राजनीतिक अस्थिरता फैलाने की साजिश बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
🔹 निषाद पार्टी का विरोध और ज्ञापन सौंपा
सोशल मीडिया पर फूलन देवी के खि
लाफ आपत्तिजनक भाषा और गालियों से जुड़े पोस्ट वायरल होने के बाद निषाद पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश है। इसी क्रम में पार्टी प्रतिनिधियों ने भदोही के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
निषाद पार्टी नेताओं का कहना है कि फूलन देवी केवल निषाद समाज ही नहीं, बल्कि संपूर्ण वंचित और पिछड़े वर्गों के लिए सामाजिक न्याय की प्रतीक रही हैं। उनके खिलाफ इस तरह की अभद्र टिप्पणियां न केवल समाज को आहत करती हैं, बल्कि समाज में वैमनस्य फैलाने का भी कार्य करती हैं।
🔹 आक्रोश और आंदोलन की चेतावनी
पार्टी नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान निषाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए फूलन देवी के सम्मान की रक्षा और सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियों को रोकने की मांग उठाई।
🔹 निषाद समाज में बढ़ता असंतोष
इस घटनाक्रम के बाद निषाद समाज समेत अन्य पिछड़े वर्गों में भी रोष देखा जा रहा है। कई सामाजिक संगठनों ने इस मामले में दोषियों को जल्द पकड़ने की मांग की है ताकि सोशल मीडिया पर किसी के भी खिलाफ इस तरह की अभद्र भाषा का उपयोग न किया जाए।
🔹 पुलिस की प्रतिक्रिया
पुलिस प्रशासन ने निषाद पार्टी के ज्ञापन को स्वीकार करते हुए मामले की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। साथ ही पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ और अभद्र पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
🔹 निषाद पार्टी की अपील
निषाद पार्टी ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करें और किसी भी व्यक्ति या समुदाय के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां करने से बचें। पार्टी ने यह भी कहा कि अगर इस तरह की हरकतें दोबारा होती हैं, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेंगे।
👉 इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह देखने वाली बात होगी। प्रशासन की तत्परता पर ही समाज का भरोसा टिका है।


