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| पारिवारिक विवाद के बाद युवक ने ट्रेन के सामने कूदकर दी जान, गांव में मातम |
सुरियावां कोतवाली क्षेत्र के कन्तिरामपुर गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब गांव के ही एक युवक ने पारिवारिक विवाद के चलते ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। यह हृदयविदारक घटना जंघई-भदोही रेल प्रखंड पर हुई, जहां 28 वर्षीय रमाकांत बिंद ने अपने ही गांव के सामने ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। घटना में युवक के दोनों पैर और सिर पूरी तरह अलग हो गए, जिससे मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
मजदूरी कर परिवार का पेट पालता था रमाकांत
रमाकांत बिंद गोवा में मजदूरी करता था और परिवार का पालन-पोषण करने के लिए सालभर वहीं मेहनत करता था। होली के अवसर पर वह कुछ दिन पहले ही अपने गांव लौटा था ताकि अपने परिजनों के साथ त्योहार मना सके। लेकिन किसे पता था कि यह उसकी जिंदगी के आखिरी दिन साबित होंगे।
पारिवारिक विवाद बना आत्महत्या की वजह
सूत्रों के अनुसार, घर में किसी बात को लेकर रमाकांत का परिवार से विवाद हो गया था। इस विवाद ने इतना गंभीर रूप ले लिया कि वह तनाव में आ गया। मानसिक रूप से परेशान रमाकांत ने आखिरकार आत्मघाती कदम उठाने का फैसला कर लिया। देर रात वह घर से निकला और जंघई-भदोही रेल प्रखंड पर पहुंचकर अपने गांव के सामने ही ट्रेन के आगे छलांग लगा दी।
ट्रेन से कटकर दर्दनाक मौत, शव के हुए टुकड़े
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही रमाकांत ट्रेन के सामने कूदा, तेज रफ्तार ट्रेन ने उसे चपेट में ले लिया। इस भयानक हादसे में उसके शरीर के दोनों पैर और सिर पूरी तरह कटकर अलग हो गए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि वहां मौजूद लोग सन्न रह गए।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही सुरियावां कोतवाली प्रभारी अजीत कुमार श्रीवास्तव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गांव में मातम, पत्नी हुई बेहोश
इस हादसे की खबर जैसे ही रमाकांत के घर पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। उसकी पत्नी इस दुखद समाचार को सुनते ही बेसुध हो गई और रोते-रोते बेहोश हो गई। घर के अन्य सदस्यों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है, क्योंकि रमाकांत अपने व्यवहार के कारण गांव में काफी लोकप्रिय था।
पुलिस कर रही मामले की जांच
फिलहाल पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लग रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रही है। परिजनों और गांववालों से पूछताछ की जा रही है ताकि आत्महत्या के पीछे की सही वजह सामने आ सके।
समाज में बढ़ती आत्महत्या की घटनाएं चिंता का विषय
यह घटना सिर्फ रमाकांत के परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक बड़ा संदेश छोड़ गई है। पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए जरूरी है कि वे अपनी भावनाओं को अपने तक सीमित न रखें और किसी भरोसेमंद व्यक्ति से साझा करें। समाज में आत्महत्या की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय हैं, जिन्हें रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए।
– रिपोर्ट: Bhadohi News / Newstimeup


