भदोही, 22 अप्रैल 2025: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पेशे से अधिवक्ता अरुण कुमार श्रीवास्तव (55) ऑनलाइन चप्पल खरीदने के चक्कर में साइबर ठगी का शिकार हो गए। एक फर्जी कस्टमर केयर नंबर पर भरोसा कर उन्होंने अपनी ओटीपी साझा की, जिसके बाद उनके बैंक खाते से 99,000 रुपये उड़ा लिए गए। पुलिस ने मंगलवार को इस मामले की जानकारी दी और ठगी के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
ज्ञानपुर थाना क्षेत्र के बालीपुर निवासी अधिवक्ता अरुण कुमार श्रीवास्तव ने 25 मार्च 2025 को अमेजन से एक जोड़ी चप्पल ऑनलाइन खरीदी और उसका भुगतान कर दिया। चप्पल पसंद न आने पर उन्होंने इसे वापस करने का फैसला किया। रिफंड की प्रक्रिया के लिए उन्होंने गूगल पर सर्च कर एक कथित अमेजन कस्टमर केयर नंबर ढूंढा और उस पर संपर्क किया।
प्रभारी निरीक्षक मनीष द्विवेदी ने बताया कि फोन करने पर दूसरी ओर से आए व्हाट्सएप कॉल पर एक व्यक्ति ने खुद को कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताया और अरुण से उनके मोबाइल पर आए ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) की मांग की। भरोसा कर अरुण ने ओटीपी बता दिया। इसके तुरंत बाद उनके इंडियन बैंक की ज्ञानपुर शाखा के खाते से 99,000 रुपये निकाल लिए गए। जब अरुण को इसकी जानकारी हुई, तो उनके होश उड़ गए।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
अरुण की तहरीर पर ज्ञानपुर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत अज्ञात ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। प्रभारी निरीक्षक मनीष द्विवेदी ने बताया कि अरुण ने गूगल सर्च के जरिए एक फर्जी वेबसाइट पर दिए गए नंबर को अमेजन का कस्टमर केयर समझ लिया, जो असल में साइबर ठगों का जाल था। इस गलती ने उन्हें लगभग एक लाख रुपये की चप्पट लगवा दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और साइबर ठगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
साइबर ठगी से बचाव की सलाह
यह घटना साइबर ठगी के बढ़ते मामलों की ओर इशारा करती है, जहां लोग फर्जी वेबसाइट्स और नंबरों के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन खरीदारी या रिफंड के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर दिए गए संपर्क नंबरों का ही इस्तेमाल करें। किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी या बैंक डिटेल्स साझा न करें।
इस मामले ने एक बार फिर साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता की जरूरत को उजागर किया है। अरुण जैसे पढ़े-लिखे व्यक्ति भी ठगी का शिकार हो सकते हैं, तो आम लोगों को और सतर्क रहने की जरूरत है।

