सम्वाददाता फारूक जाफरी
भदोही, उत्तर प्रदेश। चौरी थाना क्षेत्र के चनईपुर गांव में बुधवार को एक हृदयविदारक हादसे में राजमिस्त्री रामदुलार चौहान (53) की मौत हो गई। रामदुलार चनईपुर गांव में मकान निर्माण कार्य कर रहे थे, तभी बांस-बल्ली से बना पैड अचानक टूट गया और वह नीचे गिर पड़े। गंभीर रूप से घायल रामदुलार को पहले भदोही और फिर वाराणसी ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
17 मई को हुआ हादसा
सवरपुर गांव निवासी रामदुलार चौहान 17 मई को चनईपुर निवासी राजू यादव का मकान बना रहे थे। दीवार पर कार्य करते समय वे बांस-बल्ली के सहारे बने अस्थायी पैड से नीचे उतर रहे थे। तभी अचानक पैड टूट गया और वह असंतुलित होकर नीचे गिर पड़े। इस दौरान उनके सिर के पिछले हिस्से और पैर में गंभीर चोटें आईं।
अस्पताल में नहीं बच सकी जान
हादसे के तुरंत बाद उनके पुत्र सुरज और अन्य लोग उन्हें भदोही के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद स्थिति गंभीर देख उन्हें वाराणसी बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। लेकिन दो दिन इलाज के बाद बुधवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।
परिवार में मचा कोहराम
रामदुलार की मृत्यु की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पत्नी पुष्पा देवी, दो अविवाहित पुत्र और पुत्रियां शोक में डूब गए। बताया जा रहा है कि रामदुलार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। वे अपने एक पुत्र के साथ राजमिस्त्री का कार्य कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उनकी चार पुत्रियों की शादी हो चुकी है।
पुलिस पहुंची मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही चौरी थानाध्यक्ष रमेश कुमार व हल्का प्रभारी महेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस हादसे ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।




