सम्वाददाता फारूक जाफरी
भदोही जनपद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ प्रेम के रास्ते पर चले एक युगल ने समाजिक तानों, परिवार के विरोध और सामाजिक उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाया। घटना चौरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत कंधिया रेलवे क्रॉसिंग के पास की है, जहां एक प्रेमी जोड़ा मालगाड़ी के सामने कूद गया। इस दर्दनाक हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि युवती गंभीर रूप से घायल हो गई।
दो दिन पहले की थी कोर्ट मैरिज, परिवार का लगातार विरोध
मृतक युवक की पहचान विजय यादव और घायल युवती की पहचान काजल गौतम के रूप में हुई है। दोनों भदोही कोतवाली क्षेत्र के मई सोनहर गांव के निवासी थे। सूत्रों के अनुसार, दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। जातीय भेदभाव के कारण उनका यह रिश्ता घर वालों को मंजूर नहीं था। सामाजिक बंधनों और परिवार के दबाव से परेशान होकर दोनों ने दो दिन पहले ही भदोही कोर्ट में अंतर्जातीय विवाह किया था।
शादी के बाद दोनों ने कपसेठी चौराहे पर किराए के मकान में रहना शुरू किया। युवक विजय यादव ऑटो चलाकर रोजी-रोटी कमा रहा था। लेकिन घर वालों की नाराजगी और समाजिक दबाव ने शायद उनके भीतर इस कदर डर और निराशा भर दी कि उन्होंने जीवन समाप्त करने का फैसला ले लिया।
ऑटो से पहुंचे रेलवे ट्रैक, एक-दूसरे से लिपटकर दी जान
मंगलवार की शाम करीब 5 बजे के आसपास दोनों एक ऑटो से चौरी उत्तर रेलवे के कपसेठी-परसीपुर स्टेशन के बीच स्थित कंधिया रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों मालगाड़ी की ओर बढ़ते हुए एक-दूसरे से आलिंगनबद्ध होकर पटरी पर कूद गए।
मालगाड़ी की चपेट में आने से युवक विजय यादव की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि काजल गौतम के दोनों पैर कट गए और वह पटरी के बीच घंटों तक तड़पती रही।
एंबुलेंस की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता
स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन दुखद पहलू यह रहा कि एंबुलेंस समय से नहीं पहुंची। करीब दो घंटे तक युवती पटरी पर कराहती रही। इस बीच लोग एंबुलेंस चालक को फोन करते रहे, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला। देरी से पहुंची एंबुलेंस से दोनों को भदोही के सरकारी अस्पताल भेजा गया। लोगों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश देखा गया।
रेल यातायात भी रहा बाधित
घटना के बाद अपलाइन की सभी ट्रेनों को रोक दिया गया। लगभग डेढ़ घंटे तक रेल यातायात बाधित रहा। जब तक दोनों को ट्रैक से हटाया नहीं गया, ट्रेनों का संचालन पूरी तरह ठप रहा।
आखिर कब समझेगा समाज प्रेम की अहमियत?
यह घटना समाज को झकझोरने वाली है। अंतर्जातीय विवाह करने पर आज भी कई परिवार सामाजिक प्रतिष्ठा के नाम पर अपने ही बच्चों को मानसिक प्रताड़ना देते हैं। प्रेम, जो दो आत्माओं का मिलन होता है, उसे जाति, धर्म और समाज के नियमों की बेड़ियों में जकड़ दिया जाता है।
आज की यह घटना न केवल एक प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत है, बल्कि समाज के उस क्रूर चेहरे की भी पहचान है, जो आज भी प्रेम को गुनाह मानता है।




