सम्पादक गुफरान खान की रिपोर्ट
भदोही। कालीन उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में मजबूत बनाने और निर्यातकों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के उद्देश्य से मंगलवार को मर्यादपट्टी स्थित कालीन भवन में एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (ECGC) की ओर से एक महत्वपूर्ण निर्यातक बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम में कालीन निर्यातकों, उद्योगपतियों और ECGC के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया तथा निर्यात क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों और सरकारी सहायता योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय प्रबंधक पी.पी. बनर्जी ने उत्तर प्रदेश सरकार की नई निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025–30 के तहत संचालित निर्यात क्रेडिट इंश्योरेंस समर्थन योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत ECGC के माध्यम से बीमा कराने वाले पात्र निर्यातकों को वार्षिक प्रीमियम का 30 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति का लाभ मिलेगा। इससे विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को आर्थिक राहत और निर्यात बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
ECGC वाराणसी शाखा के प्रबंधक मुरलीधर महतो ने निर्यातकों को क्रेडिट रिस्क, कॉमर्शियल रिस्क, डोमेस्टिक क्रेडिट स्कीम तथा MSME क्षेत्र से जुड़ी अन्य योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि समय पर बीमा और जोखिम प्रबंधन अपनाकर निर्यात कारोबार को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ AICMA के अध्यक्ष उमेश गुप्ता 'मुन्ना' ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया, जबकि मानद सचिव असीम अंसारी 'बॉबी' ने अतिथियों का स्वागत किया। बैठक में शाहिद अंसारी, शमीम अंसारी, जयप्रकाश गुप्ता, सादिक अंसारी, अरशद वजीरी, आलोक बरनवाल, आर.के. बोथरा, शफाक अंसारी, अमित मौर्य, इश्तियाक खान, राजीव खन्ना सहित बड़ी संख्या में कालीन निर्यातक एवं उद्योगपति उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान निर्यातकों ने अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं को लेकर सवाल भी पूछे, जिनका विस्तार से समाधान किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य निर्यातकों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर उनके कारोबार को अधिक सुरक्षित, प्रतिस्पर्धी और लाभकारी बनाना रहा।


