भदोही:- जनपद में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। नगर स्थित मानस महिला महाविद्यालय को मान्यता प्राप्त होने के बाद जिले की छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा के नए द्वार खुल गए हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रबंधन ने संस्थान की उपलब्धियों, उद्देश्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की। कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्रबंधक सत्यशील गुप्ता एवं पूर्व पालिका अध्यक्ष अशोक कुमार जायसवाल ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और संस्कारयुक्त उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि अब छात्राओं को स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा, बल्कि उन्हें अपने ही जिले में बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में छात्राओं के लिए सुरक्षित, अनुशासित और सकारात्मक वातावरण तैयार किया गया है, जिससे वे बिना किसी बाधा के अपनी शिक्षा पूरी कर सकें। साथ ही छात्राओं के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक गतिविधियों के साथ व्यक्तित्व विकास एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।वक्ताओं ने कहा कि भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा हुए हैं। ऐसे समय में मानस महिला महाविद्यालय को मिली मान्यता जिले की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे महिला शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और उच्च शिक्षा का दायरा और विस्तृत होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जहां एक ओर छात्राओं के लिए नए महाविद्यालय खुल रहे हैं, वहीं जिले के युवाओं को आज भी एक उच्च स्तरीय इंजीनियरिंग कॉलेज की प्रतीक्षा है। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि भदोही में एक आधुनिक इंजीनियरिंग एवं तकनीकी संस्थान की स्थापना समय की आवश्यकता है। यदि जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना होती है तो हजारों युवाओं को तकनीकी शिक्षा के लिए वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ और अन्य शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। इससे जिले के युवाओं को बेहतर अवसर मिलने के साथ-साथ भदोही शिक्षा के क्षेत्र में पूर्वांचल के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित हो सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा और पर्यावरण दोनों ही समाज के विकास के आधार हैं तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक पहल आवश्यक है।इस अवसर पर सुरेंद्र अग्रवाल, विनीत बरनवाल, डॉ. मानवेंद्र प्रकाश मौर्य, डॉ. अरुण कुमार बिंद, अरविंद मौर्य, करुण शंकर दुबे, सुभाष मौर्य, सलिल श्रीवास्तव, राकेश जायसवाल एवं रामसहाय जायसवाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



