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गंभीर बीमारी से जूझ रहे पालतू जर्मन शेफर्ड ‘रैम्बो’ का निधन, परिवार में छाया शोक।

संवाददाता प्रदीप सिंह की रिपोर्ट ।


प्रयागराज/झूंसी। लंबे समय से परिवार के सदस्य की तरह रह रहे पालतू जर्मन शेफर्ड डॉग ‘रैम्बो’ का सोमवार को गंभीर बीमारी के चलते निधन हो गया। रैम्बो पिछले करीब एक सप्ताह से बीमार चल रहा था। परिवार ने उसकी हालत में सुधार के लिए स्थानीय स्तर से लेकर मिर्जापुर और लखनऊ तक इलाज कराया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे झूंसी में रैम्बो ने अंतिम सांस ली।

रैम्बो के मालिक सरस सिंह राजपूत ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले अचानक उसकी तबीयत खराब होने लगी। शुरुआत में मौसम में चल रहे वायरल फीवर को देखते हुए परिवार को आशंका थी कि शायद वायरल संक्रमण के कारण उसकी तबीयत बिगड़ी है। हालांकि, जब उसकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो परिवार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रैम्बो की चिकित्सकीय जांच कराने का निर्णय लिया।

बताया गया कि करीब दो दिन तक रैम्बो के शरीर की विस्तृत जांच और उपचार कराया गया। जांच के दौरान उसके किडनी और लिवर में अत्यधिक समस्या सामने आई। बीमारी की गंभीरता को देखते हुए परिवार ने बेहतर उपचार की उम्मीद में उसे मिर्जापुर ले जाने का फैसला किया। वहां भी चिकित्सकीय उपचार के बावजूद उसकी हालत में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ।

इसके बाद रैम्बो को बेहतर इलाज की उम्मीद में लखनऊ ले जाया गया। वहां चिकित्सकों द्वारा जांच और उपचार के बाद परिवार को उसकी गंभीर स्थिति के बारे में बताया गया। चिकित्सकों के अनुसार रैम्बो के बचने की संभावना बेहद कम रह गई थी। यह जानकारी परिवार के लिए बेहद भावुक और पीड़ादायक थी। आखिरकार उसे वापस घर लाया गया, जहां परिवार के लोग उसके साथ रहे।

सरस सिंह राजपूत ने बताया कि रैम्बो उनके लिए महज एक पालतू जानवर नहीं था, बल्कि परिवार के एक सदस्य की तरह था। उसकी अचानक बिगड़ी तबीयत और फिर लगातार गंभीर होती स्थिति ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। परिवार ने उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया और अलग-अलग स्थानों पर उसका इलाज कराया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

सोमवार को दोपहर लगभग 2:30 बजे झूंसी में रैम्बो ने आखिरी सांस ली। उसके निधन की खबर से परिवार और उससे जुड़े लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के लिए रैम्बो के साथ बिताए गए वर्षों की यादें अब भावुक कर देने वाली स्मृतियां बन गई हैं। परिजनों का कहना है कि रैम्बो ने अपने जीवनकाल में परिवार के साथ बेहद गहरा लगाव बनाया था। उसके जाने से घर में एक ऐसा खालीपन पैदा हो गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा। परिवार ने नम आंखों से अपने प्रिय रैम्बो को अंतिम विदाई दी।

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